दिल्ली के सर्राफा बाजार में 19 मार्च 2026 को सोना और चांदी की कीमतों में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों को हैरान कर दिया। इस दिन चांदी की कीमत प्रति किलो ₹17,800 की गिरावट के साथ ₹2,38,700 पर पहुंच गई। वहीं, 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹7,000 सस्ता होकर ₹1,53,300 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट वैश्विक और घरेलू कारकों के मिश्रण का परिणाम रही, जो पिछले कुछ समय में एक बड़ी घटना के रूप में उभरी।
कीमतों में गिरावट के पीछे के कारण
कई बड़े और छोटे फैक्टर्स ने मिलकर इस गिरावट को अंजाम दिया। वैश्विक बाजार में अस्थिरता, डॉलर की मजबूती, और घरेलू स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारकों ने मिलकर बाजार में दबाव बनाया। अखिल भारतीय बुलियन एसोसिएशन और बाजार के सूत्रों के अनुसार, 19 मार्च की भारी बिकवाली के बाद कीमतें अभी भी दबाव में हैं। इसे महज संयोग नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कई बड़े फैक्टर्स एक साथ सक्रिय हुए, जिससे यह गिरावट देखने को मिली।
विशेषज्ञों की राय
मार्केट एनालिस्ट इस गिरावट को अस्थायी मान रहे हैं। हालांकि, शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्रैश खरीदारी का मौका नहीं है, बल्कि बाजार की अनिश्चितता का संकेत देता है। जब तक वैश्विक संकेत सकारात्मक नहीं होते, तब तक शॉर्ट टर्म में दबाव बना रह सकता है। मजबूत सपोर्टिव न्यूज, जैसे सेंट्रल बैंक से राहत या नया जियोपॉलिटिकल रिस्क आने पर ही रिवर्सल संभव है।
खरीदारी के लिए सही समय
अगर आप ज्वैलरी, सिक्के या बार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो वर्तमान कीमतें पिछले हफ्ते के मुकाबले काफी सस्ती हैं। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्थिरता आने तक इंतजार करना बेहतर हो सकता है। दिल्ली या भारत में कहीं भी सोना-चांदी खरीदने से पहले हमेशा विश्वसनीय सोर्स जैसे अखिल भारतीय बुलियन एसोसिएशन, लोकल ज्वैलर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से रियल-टाइम रेट चेक करना आवश्यक है। बाजार की मौजूदा संवेदनशीलता को देखते हुए अचानक उछाल भी आ सकता है, इसलिए सूझ-बूझ से निर्णय लें।
Disclaimer: This article is for informational purposes only and should not be considered as financial advice. Always consult with a financial advisor before making any investment decisions.






